नई दिल्ली, मार्च 23 -- नई दिल्ली, का. सं.। कड़कड़डूमा कोर्ट ने नाबालिग के अपहरण के आरोपी को 12 साल बाद बरी कर दिया। इस मामले में सुनील कुमार को आरोपी बनाया गया था। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुनीत पाहवा की अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे आरोपी की संलिप्तता साबित हो सके। यह मामला जुलाई 2014 में सोनिया विहार थाने में दर्ज किया गया था। इसमें शिकायतकर्ता ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के लापता होने और उसे बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था।
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