रांची, जुलाई 9 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा है कि अपशिष्ट को अब बोझ के रूप में नहीं बल्कि आजीविका, ऊर्जा और पर्यावरणीय लाभ देने वाले संसाधन के रूप में देखे जाने की जरूरत है। उन्होंने स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण, कम्पोस्टिंग और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर देते हुए तकनीकी और आर्थिक रूप से उपयुक्त स्थानों पर वेस्ट टू वेल्थ और वेस्ट टू एनर्जी जैसी पहलों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया है। उन्होंने उक्त बातें गुरुवार को रांची के एक होटल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में कही। यह कार्यशाला यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और ग्रामीण झा...