अपराध के बाद 'भागने' का रास्ता 'बंद', भागे तो गोली या जेल
सीतामढ़ी, अक्टूबर 8 -- सीतामढ़ी। हत्या की, रंगदारी वसूली और फिर ठिकाना बदल लिया... किसी ने दूसरे जिले का रास्ता पकड़ा तो कोई राज्य की सीमा पार कर गया। लेकिन पुलिस की फाइल में दर्ज अपराध के बाद ठिकाना बदलना बदमाशों के लिए बच निकलने की गारंटी नहीं बन सका। पिछले पांच वर्षों में सीतामढ़ी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ हुई आठ बड़ी मुठभेड़ों की कहानी कुछ यही बताती है। इनमें छह बदमाश मारे गए, जबकि दस गोली लगने से घायल होकर गिरफ्तार किए गए। इन कार्रवाइयों की खास बात यह रही कि पुलिस ने अपराधियों को सिर्फ जिले की सीमा के भीतर तलाशने तक खुद को सीमित नहीं रखा। यह भी पढ़ें- साढ़े तीन साल बाद मिला 350 किमी दूर छिपा राज, अरमान की तलाश में खाक छानती रही पुलिस सीतामढ़ी से भागकर हरियाणा पहुंचे सरोज राय से लेकर दिल्ली में छिपे रंजन पाठक तक का पुलिस ने उनके नए ...
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