रामपुर, मार्च 10 -- रामपुर। एक समय हथियार स्टेटस सिंबल नहीं बल्कि एक जरूरत हुआ करता था। समय बदल गया, लेकिन जिले का हथियारों से लगाव अब तक नहीं छूटा। बदलते दौर के बाद तो यह लगाव और बढ़ गया। आज हालत यह है कि ठोस वजहों के अलावा बहुतायत में लोग शौकिया या दिखावे के लिए लाइसेंसी हथियार लेते हैं, मगर पिछले दो साल के रिकॉर्ड बताते हैं कि लाइसेंस लेते समय दिए गए शपथ पत्र आत्मरक्षा के लिए नहीं बल्कि क्राइम में इस्तेमाल हो रहे हैं। इन लाइसेंसी हथियारों ने गोलियां भी उगली हैं। रामपुर जिले में 12026 लाइसेंसी असलहा धारक हैं। जिसमें 224 महिला और 11802 पुरुषों के नाम पर हैं। लेकिन, इसमें से साल 2025 में आठ तो साल 2024 में 14 लोगों के शस्त्र अपराध में शामिल पाए गए। जिसके बाद पुलिस ने इनके शस्त्र निरस्त कराने की प्रकिया शुरू की। प्रकिया के तहत केस की पूरी आ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.