नई दिल्ली, मार्च 6 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 469 के तहत जांच अवधि उस दिन से प्रारंभ होती है, जब पुलिस अधिकारी को अपराध की जानकारी प्राप्त होती है। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने इसी सिद्धांत को लागू करते सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र को सीमा अवधि से परे मानते हुए निरस्त कर दिया है। मामला एक लोकसेवक के विरुद्ध निजी व्यवसाय चलाने के आरोप में सीबीआई द्वारा शुरू किए गए अभियोजन से संबंधित है। कथित कृत्य वर्ष 1995 में तलाशी व जब्ती कार्रवाई के दौरान सामने आया। हालांकि, प्राथमिकी बाद में दर्ज की गई और आरोपपत्र वर्ष 1998 में दाखिल किया गया। देरी से आरोपपत्र दाखिल करने को लेकर सीबीआई का तर्क था कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद तय सीमा में आरोपपत्र दायर किया गया है। ...