नई दिल्ली, जून 26 -- कुमार प्रशांत,वरिष्ठ पत्रकार बिहार की राजधानी पटना के निकट ही है भोजपुर; और भोजपुर का नया चर्चित चेहरा भरत तिवारी! कहानी की तरह जो बात हर कहीं कही और छापी जा रही है, वह कुछ यूं है कि कुछ लोग भरत को अपराधी करार दे रहे हैं, कुछ उन्हें रॉबिनहुड का अवतार बता रहे हैं, लेकिन इन सारी आवाजों और शोर के बीच जो बात उभर ही नहीं पा रही है, वह है राज्य द्वारा नागरिकों का शिकार। इसे 'एनकाउंटर' कहिए या 'फेक एनकाउंटर', सच्ची और ठोस हकीकत यह है कि एक भरत तिवारी नाम का युवक था, जो पुलिस के काबू में नहीं आ रहा था। पुलिस ने उसे गोली मारकर काबू में कर लिया। पुलिस के मुताबिक, जो अपराधी था, वह नहीं रहा, तो कहानी तमाम होती है। क्या सच में कहानी तमाम होती है? साल 2005 का गुजरात! पूरा देश सोहराबुद्दीन शेख नाम के आतंकी के एनकाउंटर की कहानी से गू...