प्रमुख संवाददाता, अगस्त 26 -- ऑनलाइन गेमिंग की लत में फंसे उत्तर प्रदेश पुलिस के एक कांस्टेबल नीतीश कुमार यादव ने बैंक से आसानी से लोन मिलने के बाद फर्जीवाड़े का ऐसा जाल बुना कि पुलिस भी चकरा गई। अपराधियों और दूसरे कई लोगों को दस्तावेजों के सहारे कागजों में पुलिस का सिपाही बताकर वह बैंक से व्यक्तिगत ऋण (personal loan) लेने लगा। पुलिस की जांच में अभी तीन खातों से करीब 39.70 लाख रुपये के फर्जी लोन लिए जाने का मामला सामने आया है। जांच आगे बढ़ने पर ऐसे खातों की संख्या 15 तक पहुंचने की आशंका है। पुलिस के मुताबिक नीतीश पहले ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी में काफी रकम हार चुका था। रकम जुटाने के लिए उसने पहले अपने नाम से बैंक से लोन लिया। लोन हासिल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई तो उसके मन में फर्जीवाड़े का प्लान आया। इसके बाद उसने दूसरे लोगों के आ...