जमशेदपुर, सितम्बर 11 -- अपराधियों के पास एक के बजाय दो से ज्यादा मोबाइल रखने का चलन पुलिस के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कई अपराधी सामान्य बातचीत के लिए अलग मोबाइल रखते हैं, जबकि अपराध की साजिश और साथियों से संपर्क के लिए दूसरे मोबाइल और सिम का इस्तेमाल करते हैं। घटना के बाद इस सिम को बदल देने या नंबर बंद कर देने से पुलिस के सामने जांच की कड़ियां जोड़ना मुश्किल हो जाता है। अपराध से पहले दूसरे मोबाइल नंबर के जरिए संपर्क करने के बाद अपराधी घटना पूरी होते ही सिम बदल देते हैं। इससे उनके बीच हुए संपर्क और बातचीत का तत्काल पता लगाना आसान नहीं होता। अब पुलिस ऐसे मामलों में अपराध से पहले और बाद की मोबाइल गतिविधियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है。

गिरफ्तार अपराधियों के मोबाइल से मिल रहे नए संपर्क गिरफ्तार अपराध...