नई दिल्ली, मार्च 29 -- कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता मुखी ने आज रविवार को अपने जीवन के तीन साल पूरे कर लिए। भारत में जन्मी पहली मादा चीता के रूप में मुखी अब चीता पुनर्स्थापन परियोजना की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है। मुखी का जन्म मार्च 2023 में उस समय हुआ था, जब नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों को कूनो में बसाने की प्रक्रिया चल रही थी। उस दौरान नए माहौल, मौसम और स्वास्थ्य से जुड़ी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। जन्म के बाद मुखी की शुरुआत बेहद कठिन रही। उसकी मां 'ज्वाला' ने उसे छोड़ दिया था, जबकि उसके भाई-बहन तेज गर्मी के कारण जीवित नहीं रह पाए। ऐसे हालात में वन विभाग की टीम ने मुखी को बचाया और लगातार निगरानी में रखकर उसे पाला। यही कारण है कि आज उसे कूनो की सबसे मजबूत चीता माना जाता है। यह भी पढ़ें- कूनो नेशनल पार्क से आई...
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