मुरादाबाद, अप्रैल 15 -- मुरादाबाद। कहीं आप घर में अपनों के बीच बैठे हुए भी लगातार फोन पर ही नजर तो नहीं गड़ाए रहते? किसी रिश्तेदार या परिचित से मिलने जाने पर सामान्य अभिवादन, कुशलक्षेम पूछने के बाद फिर मोबाइल फोन की दुनिया में ही तो नहीं डूब जाते? अगर ऐसा है तो सावधान हो जाएं, आपका कोई करीबी अगर ऐसे ही रुख पर चलता मिलता है तो उसे भी सजग कर दें क्योंकि, अपनों के बीच होते हुए भी सामान्य सामाजिक सक्रियता नहीं दिखाकर मोबाइल फोन के लत की गिरफ्त में आ जाना बड़ी संख्या में लोगों को सोशल एंजाइटी का शिकार बना रहा है। मुरादाबाद में मनोरोग विशेषज्ञों के पास इसके मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रमुख मनोरोग विशेषज्ञ अब तक तीन सौ से अधिक ऐसे गंभीर मामलों से रूबरू हो चुके हैं। चिकित्सकों का कहना है कि 13 से 19 साल के किशोर और 25 साल तक के युवा सोशल एं...