हाथरस, मार्च 20 -- हाथरस,कार्यालय संवाददाता। सासनी के सीकुर हत्याकांड ने एक बार फिर से रिश्तों को कंलकित किया है। दो सगे भाईयों ने अपने बेटे के साथ मिलकर किसी और को नहीं बल्कि अपने ही सगे भाई को मार डाला। मृतक की बेटी अपने पिता को बचाने के लिए अपने ताऊ,चाचा और भाई से पिता की जिंदगी की भीख मांगती रही,लेकिन उनके सिर पर खून सवार था। उन्होंने अपनी भतीजी को भी नहीं बक्शा। उसके साथ भी मारपीट की। भीमसेन के लिए पिता की वसीयत मौत का कारण बन गई। भीमसेन ने सोचा भी नहीं होगा कि जिस जमीन को पिता देकर जा रहे है वहीं एक दिन भाईयों को दुश्मन बना देगी। जमीन को लेकर तीनों भाईयों के बीच काफी समय से झगड़ा चल रहा था। शुक्रवार को भीमसेन अपनी बेटी वर्षा के साथ खेत गये तो पीछे से रवेन्द्र, पूरन अपने बेटे के साथ खेत पर पहुंच गये। हाथ में डंडा लगा हुआ था। पहले भाई...
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