नई दिल्ली, अगस्त 22 -- बैंगलोर (अब बेंगलुरु) का रिचमंड रोड। 28 अप्रैल 1991 की सुबह एक बहुत बड़े शाही घराने की वारिस अचानक गायब हो गई। नाम था शकीरे खलीली- सूर के पूर्व दीवान सर मिर्जा इस्माइल की पोती। करोड़ों की हवेली, बेशकीमती जमीनें और शाही रुतबा रखने वाली शकीरे अचानक ऐसे गायब हुईं कि पूरे शहर में हड़कंप मच गया। उनके पति और स्वघोषित गॉडमैन स्वामी श्रद्धानंद उर्फ मुरली मनोहर मिश्रा ने सबको यही कहानी सुनाई कि शकीरे किसी जरूरी काम से विदेश गई हैं। तीन सालों तक यह झूठ बिकता रहा। लेकिन शकीरे की बेटी एस्मेथ खलीली को दिल ही दिल में कुछ गलत होने का शक था। उनकी जिद और पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच जब आगे बढ़ी, तो बैंगलोर के उस आलीशान बंगले के आंगन में खुदाई शुरू हुई। मई 1994 में जब जमीन के नीचे से लकड़ी का एक बड़ा ताबूत बाहर निकला, तो पुलिस अधिक...