संतकबीरनगर, मार्च 10 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में मौलानाओं का कहना है कि माह-ए-रमजान रहमत, बरकत और इबादत का महीना है। इस मुबारक महीने में जहां मुसलमान रोज़ा, नमाज़ और कुरआन की तिलावत में मशगूल रहते हैं। वहीं जरूरतमंदों व गरीबों की मदद करना भी इस महीने की अहम इबादतों में शामिल है। इस्लाम धर्म में जकात की अदायगी को बुनियादी फर्ज है। जल्द से जल्द जकात निकाल कर अदा कर दें। हर साहिब-ए-निसाब मालदार मुसलमान पर जकात निकालना जरूरी है।सेमरियावां स्थित मदरसा तालीमुलकुरान के मौलाना गुफरान नदवी ने कहा माह-ए-रमजान में जकात की अदायगी इस्लाम में बुनियादी फर्ज है। इस फर्ज की अदायगी के लिए हर धनवान व्यक्ति को 20 रमजान से पहले जकात निकाल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि माह-ए-रमजान हर व्यक्ति को खुशियां देने का महीना भी कहा गया है। गरीब, विध...
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