नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी की बिल्डिंग ढहने से हुए दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को कभी न भुलाए जाने वाला जीवनभर का दर्द दे दिया है। इन परिवारों ने अपने बच्चों को अब हमेशा के लिए खो दिया है। वहीं कुछ परिवारों के बच्चे जिंदगी औऱमौत के बीच झूल रहे हैं।माता-पिता ने बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के सपनों के साथ अपने कलेजे के टुकड़ों को दिल्ली पढ़ने भेजा था, लेकिन अब जीवन भर की पीड़ा के साथ लौट रहे इन लोगों की जुबां से बस यहीं निकल रहा है कि 'अपने बच्चों को दिल्ली मत भेजो'। हादसे में मारे गए छात्रों के परिवारों ने उन्हें दिल्ली के कॉलेजों में पढ़ाई कराने के लिए बहुत संघर्ष किया था। लेकिन रविवार के हादसे में न केवल कई जानें गईं और परिवार बर्बाद हुए, बल्कि वे यह सोचने पर भी मजबूर हो गए कि क्या यह शहर इतने जोखिम के लाय...