अपने घर को ही बनाएं तीर्थ स्थल: विजय कौशल जी
धनबाद, जून 8 -- धनबाद, वरीय संवाददाता। वृंदावन से पधारे कथावाचक विजय कौशल जी ने कहा कि रामकथा किसी राजपरिवार की गाथा या किसी राजकुमार का चरित्र मात्र नहीं है, बल्कि यह भगवत प्राप्ति का श्रेष्ठ साधन है। जिन लोगों को भगवान के दर्शन करने हैं, उन्हें भगवान की कथा से जुड़ना चाहिए। आज घर छोड़कर वन जाने की जरूरत नहीं, बल्कि अपने घर को ही तीर्थ स्थल बनाएं। वे धनसार के होटल रेडिसन में शनिवार को आयोजित रामकथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। कथा के दौरान प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया गया। चौपाई और संगीतमय प्रस्तुति के साथ कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथावाचक ने कहा कि भगवान को निर्मल मन प्रिय हैं, कुटिलता नहीं। अच्छे विचारों का जीवन में विशेष महत्व है और व्यक्ति को सदैव अपने मन को पवित्र रखने का प्रयास करन...
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