गुमला, दिसम्बर 17 -- गुमला, संवाददाता। भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान, सेवार भरतपुर राजस्थान के कृषि वैज्ञानिकों का दल बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र गुमला द्वारा चल रही गतिविधियों अवलोकन किया गया। कृषि वैज्ञानिकों का दल घाघरा प्रखंड के बेती और ईचा गांव में भ्रमण कर किसानों से संवाद किया। डॉ आरके योगी, डॉ एमएल लोखंडे और गुमला के महेंद्र भगत एवं डॉ बृजेश पाण्डेय ने किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बताया कि तिलहनी फसलों विशेषकर सरसों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों की स्थायी आजीविका में वृद्धि की जा सकती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि सरसों उत्पादन बढ़ने से किसानों की आमदनी तो बढ़ेगी ही। साथ ही देश में खाद्य तेल के आयात में भी कमी आएगी। अपने खेत की सरसों से निकला तेल शुद्ध और स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा। जिले के घाघरा,बिशुनपुर, रायडीह और बसिय...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.