मेरठ, मार्च 16 -- आर्य समाज थापर नगर में होने वाले रविवारीय सत्संग में रविवार को समस्त विश्व को आर्य करें कैसे विषय पर सत्संग गोष्ठी का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर आचार्य सत्य प्रकाश शास्त्री ने यज्ञ कराया। राजेश सेठी ने कहा कि आर्य जाति और धर्म विशेष का संबोधन ना होकर गुणवाचक शब्द है। जो श्रेष्ठ है जिसमें सद्गुण है वही आर्य है। हम समस्त विश्व को आर्य बनना चाहते हैं तो इसका आरंभ हमें स्वयं से करना होगा। हममें ईश्वर भक्ति, दानशीलता, दयालुता धार्मिकता और परोपकार की वृत्ति है तो हम आर्य हैं। अपने अंदर से बुराइयों और कृपणता को दूर कर हम आर्य बन सकते हैं।अपने आचरण का उदाहरण प्रस्तुत करके हम समाज को राष्ट्र को अच्छा बनाने के लिए प्रयास करें। हमारे श्रेष्ठ आचरण का प्रभाव समाज परिवर्तन में सहायक होगा।समाज में आस्तिकता के भाव की वृ...