पाकुड़, अप्रैल 23 -- एक तरफ जहां पंचायतों में घूम-घूम कर लोगों को खुले में शौच नहीं करने का पाठ पढ़ाया जाता है। इसके लिए घर-घर शौचालय बनाकर पंचायतों को ओडीएफ घोषित करने का कार्य किया जा रहा है। वहीं डाकबंगला परिसर में बने शौचालय के मुख्य द्वार में ताला लटका रहता है। यहां आमलोगों के लिए शौचालय का निर्माण कराया गया। लेकिन निर्माण होने के बाद से ही यह बंद पड़ा हुआ है। शौचालय में ताला लगे रहने से कार्यालय आनेवाले लोग प्रसाधन की आवश्यकता महसूस होने पर जगह तलाशते रहते हैं और यत्र-तत्र शौच करने करने को मजबूर रहते हैं। बताते चले कि वर्ष 2019-20 में जिला परिषद द्वारा प्रदत निधि से 14 लाख 58 हजार 420 की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया गया था। परंतु निर्माण के बाद से कई सालों तक शौचालय में ताला लटका रहा। शौचालय में पानी की कोई व्यवस्था नही...
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