प्रयागराज, अप्रैल 24 -- Allahabad Highcourt Order: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी मर्जी से शादी करने वाले युवा जोड़ों खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनको परेशान करने पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस अन्य अपराधों की जांच करने के बजाए अपनी पसंद से शादी करने वाले युवाओं का पीछा कर रही है। यह एक परेशान करने वाला चलन है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को ऐसे मामलों में सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस निर्देश के साथ कोर्ट ने याचिकाकर्ता-जोड़े के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी है। साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी बालिग व्यक्ति को यह बताने का अधिकार किसी के पास नहीं है कि वह कहां रहेगा या किसके साथ रहेगा, शादी करेगा, या अपनी ज़िंदगी बिताएगा। कोर्ट ने कहा कि अब देश के...
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