प्रयागराज, अप्रैल 5 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि मकान मालिक निजी जरूरत के कारण अपना मकान या दुकान खाली कराना चाहता है तो उसकी जरूरत की वास्तविकता या सदाशयता का परीक्षण नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि मकान मालिक को केवल यह साबित करना होगा कि अपने इस्तेमाल के लिए उस जगह की उसे आवश्यकता है, चाहे उसी रूप में या गिराकर। ऐसे में किरायेदार यह नहीं कह सकता कि मकान मालिक के पास वैकल्पिक स्थान है इसलिए वह किरायेदारी समाप्त नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि इसकी जांच नहीं की जा सकती कि जरूरत कितनी अधिक, कितनी जरूरी या कितनी वास्तविक है, किरायेदार को दुकान खाली करना होगा। इसी के साथ कोर्ट ने याची किरायेदार की बेदखली के रेंट कंट्रोल अथारिटी व अधिकरण के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि आदे...
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