नई दिल्ली, अप्रैल 30 -- सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़की के गर्भपात से जुड़े एक मामले में सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। SC में कोर्ट के एक हालिया आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें 15 साल की एक रेप पीड़िता को 31 हफ्ते की प्रेग्नेंसी को खत्म करने की इजाजत दे दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सरकार को नागरिकों के चुनाव का सम्मान करना चाहिए और समय के हिसाब से कानून को बदलने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। SC ने यह भी कहा कि रेप के मामलों में गर्भपात के लिए कोई समय सीमा नहीं होनी चाहिए। इससे पहले 24 अप्रैल को न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने नाबालिग को गर्भपात की अनुमति दी थी। इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाट...