नई दिल्ली, अगस्त 12 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि पिछले महीने तुर्किये में वह एयर फोर्स वन विमान से गुप्त तरीके से दूसरे विमान में चले गए थे, क्योंकि सीक्रेट सर्विस और सेना उन्हें अलग विमान से भेजना चाहती थी। उन्होंने कहा कि यह कदम एक खतरे के कारण उठाया गया था, लेकिन इससे वह डरे नहीं थे। मुझे बहुत सारी धमकियां मिलती हैं, इसलिए जो होगा देखा जाएगा। ट्रंप ने अपनी उड़ान से जुड़ी असाधारण गोपनीय कार्रवाई को तवज्जो न देते हुए कहा कि वह इस मामले को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं थे। उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट की उस खबर की पुष्टि करती है, जिसमें कहा गया था कि पिछले महीने नाटो शिखर सम्मेलन के बाद ईरान से मिली एक धमकी के कारण ट्रंप को दूसरे विमान से भेजा गया था। यह कार्रवाई कई दिन तक गोपनीय रखी गई थी। ट्रंप को हवा...