अन्याय की त्रासदी में बरसों तड़पता रहा पिता
लखनऊ, अगस्त 22 -- डा. अनिल रस्तोगी के प्रभावी अभिनय से जीवंत हुआ नाटक पूर्णम लखनऊ, कार्यालय संवाददाता दर्पण संस्था की ओर से शनिवार को विश्वश्वैरया प्रेक्षागृह में नाटक पूर्णम का मंचन किया गया। शुभदीप राहा के निर्देशन में मंचित नाटक की कहानी से इंसान की आंतरिक यात्रा को मंच पर दिखाने की कोशिश की गई।
पिता और पुत्र का संबंध नाटक एक पिता नीलकंठ की मार्मिक कहानी है, जिसका जीवन एक ऐसी त्रासद circumstance का शिकार हो जाता है, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार नहीं है। एक गलत पहचान और अन्यायपूर्ण परिस्थितियां उसे अपने परिवार से वर्षों के लिए दूर कर देती हैं। समय बीतता जाता है, लेकिन उसके भीतर अपने परिवार के प्रति प्रेम और अपने उत्तरदायित्व की भावना कभी समाप्त नहीं होती। वर्षों बाद जब नीलकंठ अपने परिवार के बीच लौटता है, तब उसके सामने केवल अपने अतीत का...
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