बिहारशरीफ, मार्च 31 -- अनोखा: मघड़ा के मां शीतला मंदिर में दिन में नहीं जलते दीपक 12 इंच की काले पत्थर की प्रतिमा में विराजती हैं 9 देवियां अतिप्राचीन सिद्धपीठ में हवन और कपूर जलाना भी है वर्जित लहर शांत करने के लिए रोज सुबह दही-चीनी से कराया जाता है स्नान सूर्य अस्त होने के बाद ही गर्भगृह में उतारी जाती है मां की आरती फोटो मां शीतला: मघड़ा के अतिप्राचीन सिद्धपीठ में स्थापित मां शीतला की अलौकिक प्रतिमा। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। मघड़ा में स्थापित अतिप्राचीन सिद्धपीठ मां शीतला मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं के लिए देशभर में विख्यात है। यह शायद देश का इकलौता ऐसा दरबार है, जहां दिन के उजाले में माता के सामने दीपक जलाना या हवन करना पूरी तरह वर्जित है। मान्यता है कि माता को दिन में शीतलता (ठंडक) चाहिए होती है। इसलिए सूर्य अस्त होने के बाद ही यहा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.