बांका, फरवरी 20 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। चार दशकों से दरभाषण जलाशय योजना कटोरिया एवं चांदन प्रखंड के किसानों के लिए जैसे आशा और वास्तविकता के बीच लटका हुआ एक सपना बन गई है। सरकार के अनेक वादों ने अब तक जमीन पर कोई असर नहीं डाला। योजना की नींव वर्ष 1985-86 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व चंद्रशेखर सिंह ने रखी थी, लेकिन आज इसे केवल अधूरा ढांचा और सरकारी फाइलों में पड़ी धूल के रूप में देखा जाता है। जलाशय के अधूरे रहने से हजारों किसानों का उत्पादन, उनकी आय और कृषि पर निर्भर जीवन संकट में पड़ा है। करोड़ों के खर्च के बावजूद किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया। वन भूमि अधिग्रहण और पूर्वी केनाल की मेढ़ पर रेलवे लाइन निर्माण की बाधाओं ने परियोजना को ठप कर दिया। जिस वजह से यहां के किसानों को हर वर्ष वर्षा पर आश्रित रहना पड़ता है। जबकि य...
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