बुलंदशहर, अगस्त 7 -- अनूपशहर। श्रावण मास में जहां हजारों शिवभक्त छोटी काशी से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ लेकर जा रहे हैं। तो वहीं एक भतीजे ने अपनी वृद्ध बुआ को कांवड़ में बैठाकर और दूसरी ओर गंगाजल से भरा कलश रखकर यात्रा शुरू की। अनूठी कांवड़ यात्रा ने कलियुग में श्रवण कुमार की याद ताजा कर दी है। छोटी काशी में झमाझम बारिश में भी शिव भक्तों के आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। गुरुवार को तेज बारिश में भी कावड़ियों ने नगर के विभिन्न गंगा घाटों से कांवड़ में गंगाजल भरकर बम बम भोले का जय घोष करते हुए गंतव्य को आगे बढ़ रहे हैं। यह भी पढ़ें- माता-पिता के उत्तम स्वास्थ्य के लिए सौरभ ने उठाई पहली बार कांवड़कांवड़ यात्रा में अद्वितीय दृश्य कांवड़ यात्रा में कुछ ऐसे दृश्य भी सामने आते हैं जो मानवता, सेवा और पारिवारिक रिश्तों की ...