आजमगढ़, जून 19 -- आजमगढ़्र, वरिष्ठ संवाददाता। अनुशासन शिक्षा का अभिन्न अंग है। इसका उद्देश्य बच्चों पर नियंत्रण रखना नहीं, बल्कि उनमें जिम्मेदारी और आत्मनियंत्रण की भावना विकसित करना है। इससे विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में मदद मिलेगी। यह जानकारी सेंट जेवियर्स हाईस्कूल (एलवल) के प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव ने दी। 'हिन्दुस्तान' के साथ गुरुवार को हुई चर्चा में उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुशासन ऐसा होना चाहिए जो बच्चों को नियमों का महत्व समझाएं न कि भय का वातावरण बनाएं। समय की पाबंदी, दूसरों का सम्मान, स्वच्छता और जिम्मेदारी जैसे मूल्य अनुशासन के माध्यम से विकसित होते हैं। बच्चों के मानसिक विकास के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों का मानसिक रूप से मजबूत होना उतना आवश्यक है जितना उनका शारीरिक रूप से स्वस्...