अनुवाद से साहित्य को मिलती राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान
दरभंगा, जुलाई 7 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ ऑथर्स एंड रिसर्चर्स, दरभंगा चैप्टर के तत्वावधान में मैथिली उपन्यास पृथ्वीपुत्र एवं उसके अंग्रेजी अनुवाद सन ऑफ द सॉइल पर ऑनलाइन पुस्तक चर्चा का आयोजन किया गया। इस उपन्यास का अंग्रेजी अनुवाद डॉ. युगेश्वर साह ने किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लनामिवि की मानविकी संकायाध्यक्ष सह अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. पुनीता झा ने कहा कि अनुवाद क्षेत्रीय साहित्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। पृथ्वीपुत्र हाशिए के समाज की सशक्त आवाज़ है। मुख्य अतिथि अतुल के ठाकुर ने कहा कि अब समय आ गया है कि पृथ्वीपुत्र को वैश्विक मंच मिले। यह भी पढ़ें- 'पंकज की कहानियों में ग्रामीण समस्याएं और प्रवासी मजदूरों की समस्याएं ध्वनित' उन्होंने इसे वंचित एवं श्रमिक वर्ग की सशक्त...
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