समस्तीपुर, मार्च 10 -- मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत घर-घर पानी पहुंंचाने का जिम्मा संभालने वाले अनुरक्षक आज अपनी बुनियादी जरूरतों की प्यास बुझाने के लिए सरकार के रहमोकरम पर निर्भर हो गए हैं। 20 प्रखंडों में तैनात ये दर्जनों अनुरक्षक मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक संकट से जूझ हैं। इन अनुरक्षकों में से किसी ने योजना के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन दान कर दी, तो किसी ने वार्ड सदस्य के रूप में इस जिम्मेदारी का निर्वहन करना अपना धर्म माना, लेकिन कई माह से उन्हें मानदेय नहीं मिला है। जब भी मानदेय की मांग करते हैं उन्हें आश्वासन ही मिलता है। गणेश कुमार, संजय कमती और देवकांत दास जैसे दर्जनों अनुरक्षकों उनका कहना है कि पाइप बिछाने और टंकियां खड़ी करने से योजना सफल नहीं होती, बल्कि उसे चलाने वाले कर्मियों का पेट भरना भी जरूरी है। आज आलम यह है कि बिना ...
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