अनुबंध समाप्त होने से कंपनी काली सूची में नहीं डाली जा सकती:सुप्रीम कोर्ट
रांची, अप्रैल 3 -- रांची, विशेष संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने ठेकेदारों की ब्लैकलिस्टिंग को लेकर एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी अनुबंध (कांट्रैक्ट) को समाप्त करना अपने-आप में ब्लैकलिस्ट करने का आधार नहीं बनता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ब्लैकलिस्टिंग के लिए अलग से विचार और उचित प्रक्रिया अपनाना अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने यह टिप्पणी झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान की। अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया, जिसमें ठेका समाप्त करने के साथ-साथ ब्लैकलिस्टिंग को भी सही ठहराया गया था। मामले में एक ठेकेदार कंपनी को जलाशय (ओवरहेड टैंक) निर्माण का कार्य मार्च 2023 में झारखंड के पेयजल और स्च्छता विभाग ने एकेजी कंस्ट्रक्शन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.