धनबाद, अगस्त 6 -- धनबाद, विशेष संवाददाता। कोल इंडिया बोर्ड की 27 जुलाई 2026 को हुई बैठक में लिया गया एक निर्णय कोयला अधिकारियों के लिए बड़ा झटका है। कोयला अधिकारियों को विजिलेंस या अनुपस्थिति से संबंधित सेंसर में अब पीआरपी का भुगतान नहीं किया जाएगा। पहले इन दो मामलों में सेंसर वाले अफसरों को 75 प्रतिशत पीआरपी का भुगतान किया जाता था। सेंसर अफसरों के खिलाफ विजिलेंस या अन्य मामलों में सबसे छोटा दंड (पेनाल्टी) है। इसे निंदा भी कह सकते हैं। अब यही सेंसर कोयला अफसरों को बड़ा आर्थिक झटका देगा। कोल कंपनियों में कई अफसर सेंसर के दायरे में हैं। इससे संबंधित आदेश कोल इंडिया के महाप्रबंधक(पॉलिसी सेल) की ओर से जारी कर दिया गया है। अंदरखाने सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेंसर की स्थिति में 75 प्रतिशत पीआरपी भुगतान के खिलाफ विजिलेंस की ओर से सवाल उठ...