अनिवार्य सेवानिवृत्ति का मकसद बेकार कर्मियों को हटाना है : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, अगस्त 6 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का मकसद 'बेकार हो चुके कर्मियों' को हटाना है। कोर्ट ने सीआईएसएफ निरीक्षक की नौकरी पर बने रहने की अपील खारिज करते हुए कहा कि वर्दीधारी बलों के सदस्यों से उच्च दक्षता, सतर्कता और अनुशासन बनाए रखने की उम्मीद की जाती है। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की पीठ ने गौर किया कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति से ठीक पहले के दो सालों में अपीलकर्ता के प्रदर्शन में साफ गिरावट आई थी। उसकी ग्रेडिंग 'अच्छी' से गिरकर 'औसत' हो गई थी और उसके बाद वैसी ही बनी रही। पीठ ने कहा कि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि अपीलकर्ता सीआईएसएफ में सेवा दे रहा था, जो एक अनुशासित और वर्दीधारी बल है और जिसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह भी पढ़...
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