झांसी, जनवरी 5 -- झांसी घूसकांड के बाद अब दो नाम बहुत तेज सुर्खियों में हैं। इसमें से एक सीजीएसटी का कर अधीक्षक अनिल तिवारी जो हाल ही में पांच लोगों के साथ घूस कांड में पकड़ा गया है। दूसरे नंबर पर है वकील नरेश गुप्ता ये दोनों वो नाम है जिनको लेकर आम से खास तक चर्चाएं हो रहीं हैं। इनके रसूख का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जहां अनिल तिवारी ने अपनी नौकरी के करीब 15-20 साल झांसी में ही बिता दिए। ठीक वैसे ही कम उम्र में नेतागिरी के बाद वकालत के पेशे में उतरे नरेश गुप्ता ने कुछ ही समय में पूरे महकमे पर अपना कब्जा जमा लिया। दोनों के राजनैतिक संबध बेहद मजबूत हैं। स्थानीय विधायक के साथ कई अन्य नेताओं के साथ इनका उठना बैठना ही नहीं बल्की इनकी व्यापारिक साझेदारी भी है। जब से सीबीआई के हांथ डायरी लगी है। तभी से लोग इनसे पिंड छुड़ाने के लिए कह रहे ...
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