प्रयागराज, जुलाई 22 -- प्रयागराज। मस्तिष्क स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता के उद्देश्य से बुधवार को विश्व मस्तिष्क दिवस मनाया जाएगा। सामान्य तौर पर हमारे जीवन का लगभग एक तिहाई समय नींद में बीतता है। लेकिन लंबे समय तक मोबाइल व कम्प्यूटर पर काम करने, पारिवारिक, सामाजिक व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण सोने के सामान्य आवश्यक घंटों में कमी होती जा रही है। कॉल्विन अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. राकेश पासवान के अनुसार अनिद्रा के कारण तनाव और अवसाद जैसे मनोविकार मस्तिष्क के साफ्टवेयर को बिगाड़ रहे हैं। क्योंकि नींद मस्तिष्क के लगभग हर पहलू को प्रभावित करती है। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अनिद्रा से संबंधित 10 मरीजों में से छह का मुख्य कारण देर रात तक जागना है। इसमें अधिकांश की उम्र 18 से 45 वर्ष रहती है। अनिद्रा के शिकार मरीजों में तनाव, अवसाद व...