सीवान, दिसम्बर 18 -- रघुनाथपुर, एक संवाददाता। अनामांकित और छिजित बच्चों की पहचान करने और उन्हें विद्यालय से जोड़ने के लिए शिक्षकों को डोर-टू-डोर जाना पड़ रहा है। प्रखंड के सभी कोटि के विद्यालय प्रधानों को विद्यालय से बाहर अनामांकित एवं छिजित बच्चों की पहचान के लिए गृहवार सर्वेक्षण को लेकर प्रशिक्षण दिया गया है। 20 दिसंबर तक यह कार्य पूरा कर लेना है। सभी विद्यालय अपने पोषक क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले घरों पर जाकर छिजित और अनामांकित बच्चों की पहचान कर रहे हैं। अपने साथ ले गए रजिस्टर में इस तरह के बच्चों का नाम भी दर्ज कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में 6 से 19 वर्ष के सभी अनामांकित एवं छिजित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए डोर-टू-डोर विजिट कर जिला स्तर से उपलब्ध क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.