गया, सितम्बर 18 -- अनागरिक धर्मपाल की दूरदृष्टि और समर्पण ने भारत सहित पूरी दुनिया में बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान को नई दिशा दी। धर्मपाल ने बोधगया की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए जो अभियान शुरू किया, उसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। उक्त बातें गुरुवार बोधगया के अनागरिक धर्मपाल मेमोरियल हॉल में महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित अनागरिक धर्मपाल की 162वीं जयंती समारोह को संबोधित करते मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना एएन ने कहीं। उन्होंने महाबोधि सोसाइटी के बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में योगदान की सराहना की। यह भी पढ़ें- अनगारिक धर्मपाल ने मैत्री, दया व करुणा का भाव जगाया समारोह में अनागरिक धर्मपाल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पि...