अनशन खत्म करना पराजय नहीं
नई दिल्ली, जुलाई 15 -- सोनम वांगचुक से पूरी विनम्रता से कहना चाहता हूं कि अब यह अनशन समाप्त कर दीजिए। आपकी लड़ाई गलत नहीं है, परीक्षा व्यवस्था में होने वाली गड़बड़ियों पर आपका गुस्सा भी गलत नहीं है, सत्ता से जवाबदेही की मांग करना भी गलत नहीं है, लेकिन अपने शरीर को रोज थोड़ा-थोड़ा समाप्त करना किसी आंदोलन की अनिवार्य शर्त नहीं है। देश को आपकी मृत्यु से पैदा होने वाली दो दिन की सनसनी नहीं चाहिए। देश को आपकी बुद्धि, रचनात्मकता आपके अनुभव और साहस अगले कई वर्षों तक चाहिए। किसी आंदोलन की सफलता इस बात से नहीं नापी जाती कि उसके सबसे सम्मानित व्यक्ति ने अपने शरीर को कितना कष्ट दिया, बल्कि इस बात से नापी जाती है कि आंदोलन ने सत्ता के लिए उसे अनदेखा करना कितना महंगा बना दिया। अनशन एक नैतिक हथियार है, लेकिन हर हथियार हर परिस्थिति में काम नहीं करता। वह...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.