अनंतानंद सरस्वती ने बताया धर्माचरण और साधना का महत्व
मेरठ, जुलाई 22 -- वेदांत आश्रम में वेदांत सत्संग समिति द्वारा आयोजित देवी भागवत कथा सप्ताह के छठे दिन श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया। कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने श्रीमद् देवीभागवत पुराण पर प्रवचन देते हुए धर्म, साधना और आध्यात्मिक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। देवी भागवत कथा में स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने कहा कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान का श्रेष्ठ फल तभी प्राप्त होता है, जब योग्य ब्राह्मण का वरण किया जाए, मंत्रों का शुद्ध उच्चारण हो तथा श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा अर्पित की जाए। साधक को कर्ता भाव और विकारों से मुक्त रहकर निष्काम भाव से साधना करनी चाहिए। विषय-विकारों से सावधान रहने का संदेश देते हुए कहा कि जैसे सर्प के काटने से हानि होती है, उससे भी अधिक घातक विषयों का चिंतन है। उन्होंने चार प्रमुख प...
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