अध्यात्म, पर्यटन और पर्यावरण संतुलन का अद्भुत संगम है पारसनाथ
गिरडीह, सितम्बर 24 -- अजय भंडारी, पीरटांड़। झारखंड-बिहार की सबसे ऊंची चोटी पारसनाथ आज अध्यात्म, पर्यटन और पर्यावरण संतुलन का अद्भुत संगम बन गया है। श्री सम्मेदशिखरजी के नाम से विश्व प्रसिद्ध यह पर्वत जैन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ स्थानीय आदिवासियों के लिए मरांग बुरु यानी बड़ा पहाड़ के रूप में भी पूजनीय है। पारसनाथ की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और मनोरम आबोहवा पर्यटकों को भी लगातार आकर्षित कर रही है। यही वजह है कि पारसनाथ की यात्रा में आनेवाले सैलानियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। उल्लेखनीय है कि अध्यात्म की शांति, आदिवासी आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम पारसनाथ झारखंड के लिए अनमोल धरोहर है। जिसकी धार्मिक महत्ता से लेकर पवित्रता और प्राकृतिक विरासत को आनेवाली पीढ़ियों के लिए महत्...
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