नई दिल्ली, फरवरी 24 -- कूल्हे की हड्डी तक खून की सप्लाई बंद होना, चोट लगना, ऊतकों का धीरे-धीरे मरना। ऐसा होने पर हड्डी कमजोर होकर ढह जाती है। कूल्हा खराब हो जाता है। इसे वैस्कुलर नेक्रोसिस (एवीएन) कहा जाता है। कोविड संक्रमण के बाद यह दिक्कत तीन गुना बढ़ गई है। फतेहाबाद रोड स्थित होटल में यूपी आर्थोपेडिक एसोसिएशन और आगरा आर्थोपेडिक सोसायटी की 50वीं गोल्डन जुबली कांफ्रेंस यूपीकान-26 के दौरान 'एम्स रायपुर' के प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डा. आलोक अग्रवाल ने हिन्दुस्तान से खास बातचीत में इसे साझा किया। उन्होंने बताया कि कोविड संक्रमण के बाद कूल्हे की ओर रक्त का संचार कम होने लगा है। खून के थक्के खुद ही बनने लगे हैं। इससे खून आगे नहीं बढ़ पाता। शराब, तंबाकू या किसी भी तरह के नशे की लत है तो थक्के तेजी से बनते हैं। इस तरह के कुछ मामलों में मरीजों के हा...