रांची, नवम्बर 7 -- जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने प्राकृतिक न्याय, प्रशासनिक निर्णय की वैधता और न्यायिक आदेशों के पालन को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि कथित अनियमितताओं की जांच पूरी हुए बिना और पूरी चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी साबित करने वाले ठोस साक्ष्य के अभाव में सभी नियुक्तियों को एक साथ रद्द नहीं किया जा सकता। कुछ लोगों की कथित गड़बड़ी के लिए सभी नियुक्त कर्मियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।'न्यायसंगत नहीं' सरकार ने जांच एजेंसियों की रिपोर्ट, प्राथमिकी, गिरफ्तारियों और डिजिटल छेड़छाड़ के आरोपों का उल्लेख जरूर किया, लेकिन इन तथ्यों के आधार पर पूरी चयन प्रक्रिया को दूषित घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किया...