रांची, मई 18 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड राज्य बार कौंसिल के चुनाव में उम्मीदवारी रद्द करने के मामले में उच्च स्तरीय चुनाव कमेटी ने स्पष्ट किया है कि मतदान के बाद, लेकिन परिणाम घोषित होने से पहले यदि कोई उम्मीदवार आपराधिक मामले में सजा पाता है, तो वह चुनाव लड़ने के योग्य नहीं रहता। कमेटी ने वकील महेश तिवारी की अपील खारिज करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के 24 अप्रैल 2026 के आदेश को बरकरार रखा। बार कौंसिल चुनाव के मुख्य निर्वाचन अधिकारी जस्टिस अंबुज नाथ ने महेश तिवारी के उम्मीदवारी को निरस्त कर दिया था। महेश तिवारी झारखंड राज्य बार कौंसिल के सदस्य के लिए चुनाव लड़ रहे थे, जिनका नामांकन 10 फरवरी 2026 को स्वीकार कर लिया गया था, लेकिन 30 मार्च 2026 को एक आपराधिक मामले में उन्हें दो साल की सजा हुई। इसके बाद चार अप्रैल 2026 को बार काउंसिल ...