हाजीपुर, सितम्बर 24 -- स्थानीय वकालतखाना परिसर में गुरुवार को राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। इस मौके पर उनकी काव्य रचना का पाठ किया गया। अध्यक्षता अधिवक्ता शिव प्रताप मिश्र और संचालन अधिवक्ता राज कुमार दिवाकर ने किया। काव्य गोष्ठी में उनकी रचना रश्मिरथी की पंक्तिया पढ़ते हुए अधिवक्ता ने कहा कि जब नाश मनुष्य पर छाता है पहले विवेक मर जाता है। मुख्य वक्ता शंभू नाथ सिंह ने कहा कि दिनकर स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी लेखनी से अग्रणी भूमिका निभाई थी। भाजपा विधि प्रकोष्ठ के संजय सिंह ने कहा कि दिनकर बिहार के सपूत थे,जो पूरे देश में अपनी लेखनी से नाम रोशन किया। यह भी पढ़ें- Begusarai News: क्रांति ही नहीं बल्कि विश्व शांति का भी दिनकर ने दिया संदेश उन्हें साहित्य का सर्वोच्च पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार रश्मिरथी कुरुक्षेत...