कानपुर, जुलाई 24 -- कानपुर। पंजीकरण शुल्क को 750 रुपये से बढ़ाकर 22,500 करने से नाराज अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2026 की प्रतियां फाड़कर विरोध दर्ज कराया। इसके साथ ही कचहरी परिसर में जुलूस निकालकर विधेयक वापस लेने की मांग की। अधिवक्ता संशोधन विधेयक धोखा है धोखा है, संशोधन विधेयक 2026 वापस लो-वापस लो... के नारे लगाते अधिवक्ता शताब्दी गेट पर पहुंचे। लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रवींद्र शर्मा ने कहा कि 750 से बढ़ाकर प्रस्तावित पंजीकरण शुल्क 22,500 कर दिया गया है जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को वकालत से दूर करने और कुलीन घरानों तक वकालत को सीमित करने का प्रयास है। अधिवक्ता सुरक्षा से संबंधित एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के प्रस्ताव के बिना संशोधन बेकार है। अधिवक्ता कल्याण निधि (बीमा) वरिष्ठ अधिवक्ता पेंशन योजना कितने की ...