किशनगंज, अप्रैल 19 -- पोठिया। निज संवाददाता पोठिया प्रखंड के किसानों में जूट की खेती को लेकर पिछले एक दशक में भारी निराशा देखने को मिल रही है। कभी क्षेत्र की प्रमुख नकदी फसल रही जूट अब किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है, जिसके चलते किसान धीरे-धीरे इससे दूरी बना रहे हैं। किसान जुल्फकार अली,मो.अलीमुद्दीन,मो.परवेज आलम, मो.सईदुल, आदि दर्जनों किसानों का कहना है कि एक दशक पहले पोठिया प्रखंड में किसान बड़े पैमाने पर जूट की खेती करते थे। सरकार द्वारा जूट खेती को बढ़ावा देने के लिए अनुदानित बीज, सिंचाई सहित कई सुविधा देती थी, लेकिन इन योजना का सही से सुचारू नहीं होने से खेती की लागत बढ़ गई है। यह भी पढ़ें- जूट की खेती से विमुख हो रहे अररिया जिले के किसान साथ ही, जूट का समर्थन मूल्य आधारित नहीं होने के कारण किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं...