कन्नौज, नवम्बर 18 -- छिबरामऊ, संवाददाता। क्षेत्र में रबी की फसलों, विशेषकर आलू और गेहूं की बुआई के लिए किसान यूरिया खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं। सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को खुले बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। मंगलवार को सौरिख की सहकारी समिति पर डीएपी खाद तो उपलब्ध थी, लेकिन यूरिया खाद नदारद थी, जिससे किसानों में भारी नाराजगी देखी गई। किसानों का कहना है कि रबी की फसलों की बुआई बड़े पैमाने पर शुरू हो चुकी है और बाजार में यूरिया खाद 400 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से बिक रही है। बाजार में दुकानदार यूरिया खाद के साथ जैविक खाद भी खरीदने के लिए दबाव डाल रहे हैं। जैविक खाद न लेने पर दुकानदार यूरिया देने से इनकार कर रहे हैं, जिससे कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बेहटा निवासी किस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.