नई दिल्ली, मार्च 11 -- इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल अथर्टन से जब यह पूछा गया कि विश्व कप का अधिक होना अच्छा है या बुरा, तो उन्होंने एक बढ़िया बात कही। उनका कहना था, क्रिकेट अब ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनने जा रहा है। यह एक 'ग्लोबल गेम' बन रहा है, तो क्रिकेट खेलने वाली जो छोटी-छोटी टीमें हैं, उनके लिए जरूरी है कि उनको एक वैश्विक मंच मिले, जहां खेलकर, वे अपनी स्किल यानी क्षमताओं को बढ़ा सकें। अब कमोबेश हरेक चार साल में तीन विश्व कप हो रहे हैं, यानी लगभग हर साल इन छोटी टीमों को अपनी क्षमताओं को निखारने का मौका बड़ी टीमों के सामने मिल रहा है। और, यह कहने की बात नहीं है कि खेलकर ही कोई सीख सकता है, घर बैठे रणनीति बनाने मात्र से कोई टीम बड़ी नहीं बन सकती। उम्मीद है, इससे उन लोगों को अपने सवाल के जवाब मिल गए होंगे, जो हर दो साल में ट्वंटी-20 विश...
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