बस्ती, अप्रैल 5 -- बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। संपूर्ण समाधान दिवस में दूरदराज से आने वाले अधिकांश फरियादी निराश होकर लौट रहे हैं। यहां अपनी पीड़ा लेकर आने वाले लोगों को आश्वासन की घुट्टी पिलाकर वापस कर दिया जा रहा है। इसके बाद न समाप्त होने वाला दौड़ का सिलसिला शुरू हो जाता है। लोगों का कहना है कि डीएम की अध्यक्षता में जहां समाधान दिवस का आयोजन होता है, वहां अधिकारियों की भारी भरकम फौज पहुंचती है। उनके वाहनों के तेल आदि पर हजारों रुपये खर्च होता है, लेकिन शिकायतों के निस्तारण की रफ्तार काफी धीमी रहती है। अधिकारी आश्वासन देकर टाल देते हैं। इसके बाद फर्जी निस्तारण का खेल शुरू होता है। यही कारण है कि पिछले समाधान दिवस का कितना निस्तारण हुआ, इसकी संख्या जारी नहीं की जाती है। भानपुर तहसील सभागार में डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना की अध्यक्षता में जिलास...