नई दिल्ली, फरवरी 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने अर्ध-न्यायिक निकायों के कामकाज में व्याप्त समस्याओं पर सोमवार को गौर किया। अदालत ने केंद्र को देशभर के सभी अधिकरणों के प्रबंधन के लिए चार सप्ताह में एक व्यापक और समान प्रस्ताव सौंपने को कहा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ मद्रास बार एसोसिएशन के काफी समय से लंबित मामले की सुनवाई कर रही थी, जो अधिकरणों की स्वतंत्रता और संरचनात्मक अखंडता पर केंद्रित है। पीठ ने पदों के रिक्त रहने के संकट और सुव्यवस्थित विधायी ढांचे के अभाव पर चिंता जताई, जिसके कारण अधिकरण अक्सर अनिश्चितता की स्थिति में रहते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से कहा कि सरकार को पूर्व न्यायिक आदेशों के अनुसार कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थाओं का काम...
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