नई दिल्ली, मई 26 -- युधिष्ठिर ने पूछा-पुरुषोत्तम मासकी एकादशी की कथा कहिये, उसका क्‍या फल है ? और उसमें किस देवताका पूजन किया जाता है? किस दानका क्‍या पुण्य है? मनुष्योंको क्या करना चाहिए ? उस समय कैसे स्त्रान किया जाता है ? किस मन्त्रका जप होता है ? कैसी पूजन-विधि बतायी गयी है ? इस प्रकार युधिष्ठिर ने भगवान से अधिकमास के एकादशी के व्रत की कथा सुनने की प्रार्थना की। भगवान ने कथा सुनाई जो इस प्रकार है। कथा प्रारंभ- हे भगवान- अब में श्रीविष्णु के ब्रतों में उत्तम व्रत का वर्णन कर रहा हूं, जो सब पापोंको हर लेने वाला और मनुष्यों की मनोवांछित फल देनेवाला हो। उन्होंने बताया कि अधिक मास आनेपर जो एकादशी होती है, वह कमला' नाम से प्रसिद्ध है, इसे पद्मिनी एकादशी भी कहते हैं। वह तिथियोंमें उत्तम तिथि है। उसके व्रत के प्रभाव से लक्ष्मी अनुकूल होती हैं...